वो देता है दर्द …

वो देता है दर्द बस हमी को;
क्या समझेगा वो इन आँखों की नमी को;
लाखों दीवाने हों जिस के;
वो क्या महसूस करेगा एक हमारी कमी को।

जो बात दिल में है उसे बोलने की हिम्मत रखो और जो बात किसी के दिल में है उसको समझने की समझ रखो।

दुआ मांगी थी …

दुआ मांगी थी आशियाने की;
चल पड़ी आँधियाँ ज़माने की;
मेरा दर्द कोई नहीं समझ पाया;
क्योंकि मेरी आदत थी माफ़ करके मुस्कुराने की।

नजरों से …

नजरों से नजरों का टकराव होता है;
हर मोड़पर किसी का इंतज़ार होता है;
दिल रोता है जख्म हँसते हैं;
इसी का नाम ही प्यार होता है।

वो रूठे इस कदर

वो रूठे इस कदर की मनाया ना गया;
दूर इतने हो गए कि पास बुलाया ना गया;
दिल तो दिल था कोई समंदर का साहिल नहीं;
लिख दिया था जो नाम वो फिर मिटाया ना गया….

आपकी दोस्ती

आपकी दोस्ती हमारे सुरों का साज़ है;
आप जैसे दोस्त पर हमें नाज़ है;
चाहे कुछ हो जाये जिंदगी में;
दोस्ती वैसी ही रहेगी, जैसे आज है।